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प्रयागराज की शहर दक्षिणी सीट का कौन होगा सरताज, क्या कहते है आंकड़ें, यहां पढ़ें

प्रयागराज की शहर दक्षिणी सीट का कौन होगा सरताज, क्या कहते है आंकड़ें, यहां पढ़ें
UP City News | Jan 14, 2022 01:40 PM IST

दीपक गंभीर
प्रयागराज. प्रयागराज (Prayagraj News) की एक सीट ऐसी है जिसके अपने कई मायने है. ये सीट है शहर दक्षिणी की जहां से इस समय बीजेपी से विधायक है नंद गोपाल गुप्ता नंदी (Nand Gopal Gupta Nandi). 2017 में बीजेपी से नंदी को टिकट मिली था. जिसके बाद नंदी ने इस सीट पर अपना कब्जा किया. नंदी इस समय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. इस सीट पर एक बार फिर रोचक मुकाबला होने वाला है. शहर दक्षिणी विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है. इसी सीट से वेस्ट बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी पांच बार विधायक रहे हैं. जबकि शहर की प्रमुख सीट में अभी तक व्यापारी वर्ग की बहुत ही अग्रिम भूमिका रही है. कहा जाता है कि अगर व्यापारी वर्ग चाह ले तो इस सीट पर किसी भी प्रत्याशी की जीत संभव हो जाती है क्योंकि ज्यादातर इस सीट के बीच व्यापारी रहते है और उनका नज़रिया इस सीट पर अहम हो जाता है.

इस सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो केशरीनाथ त्रिपाठी ने पांच पर अपना परचम लहराते हुए भारतीय जनता पार्टी को विधायक के तौर पर एक पहचान भी दी. केशरीनाथ त्रिपाठी विधायक रहते विधानसभा के स्पीकर भी रहे. 2007 में नंद गोपाल गुप्ता ने बीएसपी से टिकट हासिल कर अपनी लोकप्रियता के बीच ही दिग्गज पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी को करीब 13 हज़ार वोटों से मात दी और बहन जी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए. ये भी कहा गया कि मायावती ने नंदी को मंत्री का दर्जा इनाम के रूप में दिया जिसके बाद नंदी ने अपनी पैठ बना ली. 2010 में मंत्री नंदी पर जानलेवा हमला भी हुआ था. इस हमले में हालांकि वो बाल-बाल बच गए थे लेकिन इस घटना में प्रयागराज के इंडियन एक्सप्रेस के तेज तर्रार पत्रकार विजय प्रताप सिंह और एक अन्य की मौत हो गई थी. इस हमले ने उस समय सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया था क्योंकि बहनजी की उस समय सूबे में सरकार थी और मुख्यमंत्री के तौर पर मायावती ने इसे गंभीरता से लिया था. 2012 में एक बार फिर नंद गोपाल गुप्ता को शहर दक्षिणी से बहन जी ने टिकट दिया लेकिन नंदी सपा के परवेज़ टंकी से हार गए थे.

नंदी ने पत्नी को मेयर चुनाव लड़ा दिया जिसके बाद बसपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया. नंदी कांग्रेस में शामिल हुए और इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में आ गए. बीजेपी ने उनपर भरोसा जताते हुए दांव लगाया और नंदी ने किलेबंदी करते हुए सपा के हाजी परवेज टंकी को हराकर योगी सरकार में एक बार फिर मंत्री बन न केवल शहर दक्षिणी विधानसभा की सीट पर छक्का मारा बल्कि अपने राजनीतिक रसूक पर भी बढ़ोतरी की. कहा जाता है कि नंदी खासतौर से व्यापारियों के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते है. हालांकि इस बार कई मुद्दों पर व्यापारी सरकार से नाराज़ भी नज़र आ रहे हैं, लेकिन नंदी हर मोर्चे पर खरा उतरने में लगे हुए है ताकि अगर उनको पार्टी एक बार फिर उम्मीदवार बनाती है तो वो जीत का सेहरा अपने सिर पर बांध सकें. हालांकि इस सीट पर शहर दक्षिणी से बसपा ने उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन देवेंद्र मिश्र उर्फ नगरहा को मैदान में उतारा है. देवेंद्र वर्तमान में यूपी बार कौंसिल के सदस्य हैं. वहीं कॉंग्रेस ने इस सीट पर महिला प्रत्याशी के तौर पर अल्पना निषाद को टिकट दिया है. हालांकि बीजेपी और सपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले है, लेकिन माना जा रहा है कि नंदी की इस सीट पर दावेदारी मजबूत मानी जा रही है और बीजेपी उनको टिकट देकर अपने गढ़ को बचाना भी चाहती है.

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प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा सीट व्यापारी बाहुल्य है. इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता भी अच्छी तादाद में है. इस इलाके में करीब चार लाख मतदाता है. यहां सबसे अधिक ब्राह्मण, बनिया, दलित, खत्री और कायस्थ मतदाता है. मंत्री नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी प्रयागराज की मेयर है. शहर दक्षिणी ऐसी सीट है जहां कांग्रेस के जमाने में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी यहां प्रचार करने आया करते थे यह सीट सोशलिस्ट का गढ़ भी रही है. हालांकि प्रयागराज दक्षिणी विधानसभा सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है और इस सीट पर सेंध लगाना आसान नज़र नहीं आ रहा. कांग्रेस व बसपा ने भी यहां उम्मीद लगाई है. वर्तमान में भाजपा विधायक और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी इस महत्वपूर्ण सीट पर अपनी दावेदारी की ताल ठोक रहे है. हालांकि इस बार जनता किसपर भरोसा दिखाएगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा और यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि शहर दक्षिणी का बेताज बादशाह इस बार कौन होगा.