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मुरादाबाद : अपहरण के 12 घंटे बाद पुलिस ने नवजात बच्चे को किया बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार

मुरादाबाद : अपहरण के 12 घंटे बाद पुलिस ने नवजात बच्चे को किया बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार
UP City News | Oct 02, 2022 05:56 AM IST

मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद (Moradabad) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने बच्चे को डेढ़ लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था. अपरहण करने वाला नवजात बच्चे के पिता का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है. जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने 12 घंटे में ही नवजात बच्चे को बरामद कर लिया. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीआईजी ने बच्चा बरामद करने वाली टीम को 50,000 इनाम देने की घोषणा की है.

बताते चलें कि पूरा मामला मुरादाबाद के मूंढापांडे के गदईखेड़ा निवासी कल्लू के बेटे भानू (3 माह) को उसके चचेरे भाई नीटू ने अपने साले और दो दोस्तों की मदद से अगवा कर लिया।उन्होंने निसंतान दंपती से डेढ़ लाख रुपये में बच्चे का सौदा तय किया था. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया.

कल्लू की पत्नी के साथ चारपाई पर सो रहे बेटे भानू को अगवा कर लिया. आरोपी बच्चे को लेकर निसंतान दंपती के पास पहुंच गए लेकिन पति-पत्नी ने चोरी के बच्चे को लेने से इनकार कर दिया. तब आरोपी बच्चे को किसी दूसरी जगह बेचने जा रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया. पुलिस ने बच्चे को कल्लू और उसकी पत्नी आरती को सौंप दिया. वहीं डीआईजी ने बताया कि बच्चे को बरामद करने वाली टीम को पचास हजार रुपये का इनाम दिया गया है.

डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मूंढापांडे के गदईखेड़ा निवासी नीटू, संभल के बहजोई थानाक्षेत्र के बेहड़ा जय सिंह निवासी धनपाल, कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के छाबड़ा निवासी नितिन और बदायूं के उझैती थानाक्षेत्र के ईखखेड़ा निवासी शिशुपाल उर्फ पंडित हैं. नीटू वर्तमान में मझोला के एकता कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है. इसी मकान में धनपाल और पड़ोस में शिशुपाल उर्फ पंडित भी रहता है.

नीटू और धनपाल से मुरादाबाद के निसंतान दंपती ने एक बच्चे की डिमांड की थी. जिसके बदलने में उन्होंने डेढ़ लाख रुपये देने की बात तय की थी. तब आरोपी नीटू ने अपने रिश्ते के चचेरे भाई कल्लू के सबसे छोटे बेटे भानू को अगवा करने की योजना बनाई. दो दिन पहले वह अपने पैतृक गांव गदईखेड़ा पहुंच गया. उसने यहां एक दिनरुककर रेकी की. शुक्रवार रात करीब एक बजे उसने अपने साले नितिन, दोस्त धनपाल और शिशुपाल को बुला लिया. इसके बाद कल्लू के घर पहुंच गए.