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मेरठ: पूर्व मंत्री हाजी याकूब के परिवारपर भी बड़ा एक्शन, छह खातों को सीज कर फ्रीज की 68 लाख रुपये की रकम

मेरठ: पूर्व मंत्री हाजी याकूब के परिवारपर भी बड़ा एक्शन, छह खातों को सीज कर फ्रीज की 68 लाख रुपये की रकम
UP City News | Apr 28, 2022 09:49 AM IST

मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी और बसपा सरकार में मंत्री रहे हाजी याकूब पर पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है. फरार चल रहे पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अब बड़े एक्शन में नजर आ रही है. पुलिस ने उनसे जुड़ लोगों को रडार पर ले लिया है. साथ ही पुलिस याकूब कुरैशी के परिवार पर भी बड़ा एक्शन ले सकती है. इसके लिए पूरा तैयारी कर ली हैं. साथ ही फरार चल रहे याकूब के परिवार वालों के छह खातों को सीज कर 68 लाख रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया गया है.

इनके खातों को किया गया ​फ्रीज
मेरठ की अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लि. में बिना अनुमति मीट पैकेजिंग और प्रोसेसिंग करने के मामले में याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी और दो बेटों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है. इसके बाद से उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. फरार चल रहे हाजी याकूब को अरेस्ट करने के लिए पुलिस लगातार दबाव भी बना रही है. बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के परिवार पर पुलिस बड़ा एक्शन ले रही है.याकूब के परिवार वालों के छह खातों को सीज कर 68 लाख रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया गया है. सीज किए खाते इमरान कुरैशी और अल फहीम मीटेक्स के हैं. इन खातों में मिली 68 लाख रुपयों को फ्रीज कर दिया गया है. याकूब कुरैशी के अन्य खातों की भी तलाश तेज से की जा रही है. पुलिस याकूब कुरैशी के मददगारो की भी लिस्ट तैयार करने में जुटी है. फरार अभियुक्तों को पनाह देने वालों पर भी पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी. बता दें कि पुलिस ने गैर कानूनी ढंग से मीट प्लांट ऑपरेट करने के मामले में कार्रवाई की है.

अरेस्ट करने के लिए पुलिस बना रही दबाव
मेरठ की अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लि. में बिना अनुमति मीट पैकेजिंग और प्रोसेसिंग करने के मामले में याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी और दो बेटों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है. इसके बाद से ही उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस खातों को सीज करने के अलावा उनसे जुड़े हुए कुछ और लोगों को रडार पर ले रही है. उनके नंबरों की जांच की जा रही है.

विदेश भागने का डर
याकूब कुरैशी पत्नी और बेटों के साथ विदेश न भाग जाएं, इसलिए पुलिस ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से पत्राचार किया है. 18 अप्रैल 2022 को तीन टीमों ने उनके दोस्तों, रिश्तेदारों, कुछ खास मिलने वालों और मोहल्ले में कई घरों में दबिश दी.कभी उनकी लोकेशन दिल्ली तो कभी राजस्थान में मिल रही है. पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है. कहीं वह विदेश न भाग जाएं, इसलिए पुलिस ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद के साथ ही सेंट्रल कार्यालय से भी पत्राचार किया जा रहा है.