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Satta Matka: कौन था मटका किंग सुरेश भगत जिसकी पत्नी ने ही 70 लाख की सुपारी दे दी

Satta Matka: कौन था मटका किंग सुरेश भगत जिसकी पत्नी ने ही 70 लाख की सुपारी दे दी
UP City News | Sep 24, 2022 05:20 PM IST

गुजरते वक्त के साथ देश में फैले सट्टा मटका (Satta Matka) के अवैध धंधे ने अपना रूप और अंदाज जरूर बदला है लेकिन इस पर लगाम कभी नहीं लग सकी. नब्बे के दशक में मटका किंग कल्याणजी भगत (Matka King Kalyanji Bhagat) की मौत के बाद उसके धंधे को उनके बेटे सुरेश भगत (Suresh Bhagat) ने संभाला लिया. हालात बदल चुके थे. कल्याण मटका (Kalyan Matka) का कारोबार करोड़ों से अरबों का हो चुका था. सुरेश भगत मटका जुए के करीब 70 फीसदी से ज्यादा अवैध कारोबार पर राज कर रहा था. करोड़ों रुपया हर रोज आ रहा था लेकिन सुरेश भगत को चुनौती वहां से मिली जहां से उसे कतई उम्मीद नहीं थी. उसकी पत्नी जया सुरेश भगत (Jaya Suresh Bhagat) और बेटा (Hitesh Bhagat) ही उसकी जान के दुश्मन बन गए

पत्नी जया भगत से विवाद
जानकार मानते हैं कि मटका किंग कल्याणजी भगत और मटका किंग रतन खत्री (Ratan Khatri) इस अवैध धंधे की सीमाएं जानते थे. वे दोनों ज्यादा एक्सपोजर व किसी अन्य विवाद से बचते रहे. सुरेश भगत के साथ ऐसा नहीं था. पैसे की चकाचौंध ने सबकुछ बदल दिया. हालांकि उसके भाई ने पूर्व में दावा किया था कि उसका भाई सुरेश भगत जनसेवा के काम करता था उसका कैमिकल और ज्वैलरी का भी काम था. सुहास महादेव रोगे ((Suhas Mahadev Roge) जो कभी सुरेश भगत का बॉडीगार्ड रहा था. कहा जाता है रोगे और सुरेश भगत की पत्नी करीब आ गए थे जिसके बाद सुरेश भगत का अपनी पत्नी से विवाद शुरू हो गया. सुरेश भगत ने 2006 में में अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और यहां से उसके अरबों के अवैध मटका धंधे पर कब्जे की लड़ाई शुरू हो गई. इस विवाद में सुरेश भगत के बेटे हितेश भगत ने अपनी मां का साथ दिया.

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मेरी जान को खतरा है..
सुरेश भगत की हत्या से पहले उसकी पूर्व पत्नी जया भगत उर्फ जया तलाक्क्षी खेड़ा (Jaya Talakshi Chheda) कनाडा गई थी. पुलिस को दिए बयान में सुरेश भगत के भाई विनोद कल्याणजी भगत (Vinod KalyanJi Bhagat) ने कहा था कि पत्नी के कनाडा जाने से पहले सुरेश भगत काफी घबरा गया था. सुरेश भगत को अंदाजा हो गया था कि उसके साथ कुछ बुरा होने वाला है. उसकी पत्नी कोई साजिश कर रही है. सुरेश भगत ने अपने भाई विनोद को बताया था कि जया खेड़ा, हितेश भगत, सुहास रोगे और किरन पुजारी उसे अपना बिजनेस दे देने के लिए लगातार धमका रहे हैं. विनोद ने कहा कि इन लोगों में मिलकर कई झूठे मुकदमे मेरे भाई के ऊपर लगा दिए. सुरेश भगत ने इस संदर्भ में बकायदा मुबंई के आला अधिकारी को एक पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा बताया था.

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2008 का वो एक्सीडेंट
वक्त के साथ सुरेश भगत के ऊपर मुकदमे बढ़ते गए. ऐसे ही एक नारकोटिक्स के मुकदमे की सुनवाई से लौटते वक्त जून 2008 मुंबई के अलीबाग इलाके में उसकी स्कॉर्पियों को एक ट्रक ने रौंद दिया. इस एक्सीडेंट में सुरेश भगत समेत कुल 7 लोग मारे गए. स्कॉर्पियों में सुरेश भगत के साथ उसके बॉडीगार्ड, उसका भतीजा, नौकर और उसका वकील भी था. पुलिस ने पहले इस मामले को एक एक्सीडेंट के तौर पर रजिस्टर्ड किया बाद में सुरेश भगत के करीबियों के सवाल उठाने के पुलिस ने इसके दूसरे पहलुओं पर गौर करना शुरु किया. तब पुलिस की इस पत्र पर भी नजर गई. खोजबीन में कुछ और भी ऐसा मिला जिसने इस साधारण से दिखने वाले एक्सीडेंट की परत खोल कर रख दी.

70 लाख की सुपारी
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि यह एक्सीडेंट दरअसल योजनाबद्ध ढंग से की गई हत्या थी. इस साजिश की असली सूत्रधार और कोई नहीं बल्कि सुरेश भगत की पूर्व पत्नी जया खेड़ा ही थी. सुरेश भगत की पत्नी ने पति के मटका व्यापार पर कब्जा करने के लिए ही यह सारी साजिश रची थी. इसके लिए उसने गवली गैंग के सदस्य सुहास रोगे को जिम्मेदारी दी. रोगे ने हरीश मांडविकर को सुरेश भगत का कत्ल करने के लिए 70 लाख की सुपारी दी. हरीश मांडविकर ने अजीमुद्दीन नाम के शख्स के 10 लाख रुपये की सुपारी दी एक ट्रक से सुरेश भगत को कुचलने के लिए. ट्रक के ड्राइवर प्रवीन शेट्टी को यह काम पूरा करने के लिए 3 लाख रुपये मिले.

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क्या थी योजना
दरअसल नारकोटिक्स के एक मामले में सुरेश भगत, उसके बेटे हितेश भगत व अन्य के खिलाफ अली बाग सेशन कोर्ट में एक मुकदमा चल रहा था. 15 मई 2008 को इस मुकदमे की अगली सुनवाई की तारीख 13 जून 2008 दी गई. सुरेश भगत की पत्नी जया सुरेश भगत, सुहास रोगे और हितेश भगत ने सुरेश भगत की हत्या कर उसका मटका व्यापार कब्जाने की य़ोजना बना डाली. हालांकि योजना 15 मई 2008 को ऐसा करने की थी लेकिन काम नहीं हो सका और अगली सुनवाई में अली बाग कोर्ट से लौटते वक्त दिन में करीब सवा बजे सुरेश भगत की गाड़ी पर ट्रक चढ़ाने की घटना को अंजाम दिया गया. कोई शक न हो इसलिए सुरेश भगत का बेटा कुछ दिन पहले ही गोवा चला गया. बाद में पुलिस ने उसे भी लाखों रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में कुल 7 आरोपी बनाए गए जिसमें सुरेश भगत की पत्नी जया तलाक्क्षी खेड़ा (Jaya Talakshi Chheda), बेटा हितेश सुरेश भगत, गवली गैंग का सदस्य रहा सुहास महादेव रोगे, अजीमुद्दीन शेख और ड्राइवर प्रवीन दयानंद शेट्टी प्रमुख थे.

बाद में इन पर सैशन कोर्ट में मुकदमा चला और 31 जुलाई 2013 में सरेश भगत की पूर्व पत्नी जया छेड़ा, उसके बेटे हितेश सुरेश भगत, सुहास महादेव रोगे को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई लेकिन दुश्मनी की यह लकीर यहीं खत्म नहीं हुई और एक और बड़ी घटना हुई जिसकी चर्चा अगली किश्त में की जाएगी.

डिस्क्लेमर : हम किसी भी तरह से सट्टा, जुआ या इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करते हैं. इस लेख को यहां पब्लिश करने का उद्देश्य आपको सिर्फ जानकारियों से अपडेट रखना है.