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पढ़ें, यूपी भूलेख पोर्टल क्या है, गाटा संख्या, खसरा, खतौनी और शंत्रु संपत्ति का क्या अर्थ होता है?

पढ़ें, यूपी भूलेख पोर्टल क्या है, गाटा संख्या, खसरा, खतौनी और शंत्रु संपत्ति का क्या अर्थ होता है?
UP City News | Nov 24, 2022 12:56 PM IST

लखनऊ. देशभर में जमीन से जुड़े मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं और इन मामलों का निपटान व प्रबंधन किसी भी प्रदेश सरकार के लिए एक बेहद दुरूह कार्य से कम नहीं होता. उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे लाखों मामलों के सुलभ निपटान के लिए 2 मई 2016 को वेब आधारित भूलेख वेब पोर्टल की शुरुआत की थी. यह भूलेख वेब पोर्टल (up bhulekh portal) (http://upbhulekh.gov.in) उत्तर प्रदेश के भूमि रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने के लिए बनाया गया है. ये इस प्रकार तैयार किया गया है कि भू-अभिलेखों के प्रतिदिन की गतिविधियों को सुव्यवस्थित किया जा सके. भूलेख पोर्टल खतौनी के पूरे जीवन चक्र को बनाए रखता है. भूलेख डाटा एपीआई के प्रयोग से आप भू-अभिलेख डाटा, भू-अभिलेख के मालिक की जानकारी, भू-अभिलेख की जानकारी इत्यादि देख सकते है. वेब आधारित ये भूमि दस्तावेज़ प्रणाली 2 मई 2016 से शुरू की गई थी जिसे प्रदेश की सारी तहसीलों में लागू किया जा चुका है. भूलेख यूपी की शुरुआत से पहले जमीन के रिकॉर्ड जैसे कि खतौनी प्रणाली, जमाबंदी आदि से जुड़े सभी कार्य कागजों पर मैन्युअल रूप से दर्ज किए गए थे.

हालांकि भूलेख वेब पोर्टल पर कुछ ऐसी भी शब्दावली है जिसे लेकर अक्सर उपयोगकर्ता के मन में भ्रम कि स्थिति पैदा होता है. हमने यहां वेब पोर्टल पर इस्तेमान होने वाली शब्दावली का अर्थ सरल भाष में व्याख्या करते हुए बताया है-

भुलेख क्या है? What is land records?
भुलेख एक हिंदी शब्द है जो दो शब्दों – भू (अर्थ भूमि) और लेख (खाता) के संयोजन से बना है. संयोजन में दो शब्दों का अर्थ है भूमि का लेखा. भुलेख शब्दड़े का अर्थ भारत में भूमि विवरण या भूमि स्वामित्व विवरण है. भुलेख शब्द अंग्रेजी में 'लैंड रिकॉर्ड' शब्द के समान है.

UP Bhulekh पोर्टल पर मौजूद अभिलेख क्या हैं?
यूपी भूमि रिकॉर्ड डेटाबेस– Upbhulekh में भूमि के मालिकाना विवरण के साथ खसरा व खाता संख्या के अनुसार सभी पंजीकृत (रजिस्टर्ड) भूमि जोत का विवरण दर्ज है, जो निम्नलिखित हैं-
खसरा संख्या व खाता संख्या का विवरण
खातेधारक का नाम
खातेधारकों की संख्या
भूमि का आकार
संपत्ति के बदले किए गए लेन-देन का इतिहास, जिसमें बंधक, तीसरे पक्ष के दावे आदि शामिल हैं.
खाली संपत्ति आदि.

गाटा नंबर क्या है? What is Gata Number?
गाटा शब्द का इस्तेमाल भूखंड को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है. दूसरे शब्दों में कहा जाये तो गाटा नंबर भू-राजस्व विभाग द्वारा किसी प्लॉट को प्रदान की गई पहचान है.

खसरा या खतौनी क्या होता है? What is khasra or Khtauni?
खसरा दरअसल किसी भी जमीन का रिकॉर्ड होता है जिसके जरिए हम उस जमीन से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं जैसे कि उस जमीन का मालिक, उस जमीन का क्षेत्रफल (Area).वहीं खतौनी किसी व्यक्ति या किसी एक परिवार के पास कितनी खेती की जमीन है उसका विवरण खतौनी द्वारा पता लगाया जा सकता है.

खसरा, खतौनी में क्या अंतर होता है? Diffrence between Khasra and Khtauni?
खसरा नंबर डालते ही आपके सामने उस खसरा नंबर से जुड़ी जमीन की जानकारी आपके सामने आ जाती है वहीं खतौनी नंबर डालते ही आपके सामने किसी एक परिवार या व्यक्ति के पास कितनी जमीन है उसका विवरण खुल कर सामने आ जाता है. खसरा नंबर यूनीक होता है पर खतौनी नंबर के अंदर बहुत सारे खसरा नंबर हो सकते है जिसका मतलब यह है कि खसरा जो हमे किसी जमीन की जानकारी देता है वो सब जमीन के लिए अलग अलग होता है. वहीं खतौनी नंबर जिसके द्वारा हम यह पता करते है कि एक व्यक्ति या परिवार के पास कितनी जमीन है तो उसके अंदर बहुत सारे खसरा नंबर दिखाई देते है क्योंकि एक परिवार या एक व्यक्ति के पास एक से ज्यादा जमीन भी हो सकती है.

शत्रु संपत्ति- What is enemy property?
शत्रु संपत्ति का सीधा अर्थ है शत्रु की संपत्ति (दुश्मन संपत्ति). 1947 में जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो जो लोग पाकिस्तान चले गए उनके घर-मकान, हवेलियां-कोठियां, ज़मीन-जवाहरात, कंपनियां आदि पर सरकार का कब्ज़ा हो गया. आसान भाषा में समझें तो जिनका इन संपत्तियों पर मालिकाना हक़ था वो तो पाकिस्तान चले गए उनकी संपत्ति यहीं पर रह गई. इसी को शत्रु संपत्ति कहा जाता है.

निष्क्रान्त संपत्ति- What is nishkrant cetegory?
विभाजन के वक्त जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे उनकी जो जमीन यहां थी उसे निष्क्रांत श्रेणी में रखा गया था. यह जमीन सिर्फ उन्हीं लोगों को आवंटित की जा सकती थी जो विभाजन के समय पाकिस्तान से वहां अपनी संपत्ति छोड़कर यहां आए थे.

उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री में कितने पैसे लगते हैं? what is stamp duty rate in Uttar Pradesh?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 10 लाख रुपये कीमत तक की संपत्ति पर 6 फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी लगती है जबकि 10 लाख से महंगी संपत्ति पर ये दर 7 फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी शुल्क देना पड़ता है.

यूपी भूलेख हेल्पलाइन नंबर क्या है? What is bhulekh helpline number?
अगर आपको Bhulekh Up Nic In Up से संबधित किसी भी प्रकार की दिक्कत है तो आप नीचे दिए गए ईमेल या नंबर पर सम्पर्क करके अपनी समस्या का समाधान ले सकते हैं.
ईमेल आईडी : bhulekh-up@gov.in
कंप्यूटर सेल राजस्व मंडल लखनऊ, उत्तर प्रदेश
लैंडलाइन नंबर : +91-522-2217145