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मासूम बच्चे हो रहे कब्ज के शिकार, जानें क्या है इसकी वजह, कैसे करें इसका इलाज

मासूम बच्चे हो रहे कब्ज के शिकार, जानें क्या है इसकी वजह, कैसे करें इसका इलाज
UP City News | May 12, 2022 12:11 PM IST

लखनऊ. आजकल मासूम बच्चे भी कब्ज के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में आपका बच्चा 2 से 3 दिन में शौच कर रहा है और मल निकालने में होने में उसे जोर लगाना पड़ रहा है और मल बहुत ही सख्त है तो इसे नजरअंदाज कतई न करें. माता-पिता होशियार हो जाएं और यह समझ लें कि यह लक्षण पेट में कब्ज के हैं. राजधानी लखनऊ में पीजीआई के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग (Department of Pediatric Gastroenterology) ने खुलासा करते हुए कहा है कि ओपीडी में आ रहे हर 5वें बच्चे में कब्ज की शिकायत मिली है. तीन-चार दिन पहले ओपीडी में हर हफ्ते करीब 30 बच्चे कब्ज से पीड़ित आए हैं. 1 साल से 5 साल के 80 फ़ीसदी और 5 साल से ऊपर के 20 फीसदी बच्चों में कब्ज की समस्या सामने आई है. पीडियाट्रिक पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर मोईनक सेन शर्मा का कहना है कि गलत खानपान और खेलकूद गतिविधियों से बच्चों को दूर होने की वजह से इस तरह की की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

डॉक्टर मोइनके कहते हैं कि डेढ़ साल से 3 साल के बच्चों को पेशाब और शौच के लिए ट्रेनिंग देने की जरूरत है. सुबह का नाश्ता, दोपहर व रात में भोजन के बाद 15 मिनट बाद उन्हें टॉयलेट ले जाया जाए. यह आदत में शामिल करें. उनका दावा है कि लखनऊ में 10 फीसदी ज्यादा बच्चे कब्ज से परेशान हैं. डॉक्टर का कहना है कि 5 साल तक के बच्चों में कब्ज का बड़ा कारण अधिक दूध का सेवन भी होता है. ज्यादा दूध पिलाने से बच्चा मोटा तंदुरुस्त होगा इस वजह से माता-पिता इसका सेवन ज्यादा कराते हैं लेकिन ज्यादा दूध के सेवन से खून की कमी होती है.

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कब्ज की समस्या और बढ़ जाती है. बच्चों को 300 एमएल से अधिक दूध ना दें. बच्चे को फल सब्जी रोटी दाल और चावल खिलाएं पौष्टिक खाना बेहतर है. डॉक्टर का कहना है कि नूडल्स पिज़्ज़ा बर्गर आदि गलत खान-पान को बच्चे पचा नहीं पाते हैं. यह सारी चीजें पेट में जाकर आंतों को जाम कर देती हैं. जिसकी वजह से मल सख्त हो जाता है. बच्चे कई दिन तक तक शौच करने नहीं जाते हैं. इसकी वजह से उन्हें कब्ज जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है जो उनके लिए काफी घातक है.

ये है कारण
मोबाइल और टीवी देखते समय शौच रोकना.

नूडल्स, बर्गर, पिज्जा व अन्य फास्टफूड खाना.

शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी का कम होना.

सूखी खांसी व सर्दी में दी जाने वाली दवायें.

यह चीजें शामिल करें

-छिलके वाले फल और दाल

-हरी सब्जियां

-छोला व राजमा

-सोयाबीन

-चोकर वाली रोटी