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29 साल बाद बन रहा है पर्व ब्रह्म और आनंद योग, जानिए किस दान से मिलेगा मोक्ष

29 साल बाद बन रहा है पर्व ब्रह्म और आनंद योग, जानिए किस दान से मिलेगा मोक्ष
UP City News | Jan 13, 2022 07:40 PM IST

14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व ब्रह्म और आनंद योग में मनाया जाएगा और यह योग पूरे 29 साल बाद बन रहा है. आपको बता दें कि जब सूर्य देवता मकर राशि में प्रवेश करते है उसको मकर संक्रांति पर्व के नाम से जाना जाता है. वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज का कहना है कि मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा में स्नान एवं दान पुण्य करने से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्ति का अधिकार मिलता है. उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे, साथ ही शनि देव भी मकर राशि में विराजमान होंगे. सूर्य एवं शनि की युति से बने ब्रह्म और आनंद का शुभ योग 29 साल बाद देखने को मिल रहा है. 2022 में मकर संक्रांति की तिथियों को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी जिसको स्वामी जी ने दूर किया.

स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने यह कहा—

वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोगो की असमंजस स्थित को दूर किया और बताया कि इस वर्ष 14 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे सूर्य मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. इस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को प्रातः 7:15 से प्रारंभ होकर सांय 5:41 तक रहेगा और इसलिए 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाना उचित रहेगा. इस दिन प्रातः स्नान करने के उपरांत लाल फूल और अक्षत सहित जल को भगवान सूर्य को अर्पित करना चाहिए और साथ ही गीता के पहले अध्याय का पाठ भी करना आवश्यक है. मकर संक्रांति पर गुड़ युक्त तिल को स्वर्ण पात्र में देने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. यदि संभव हो सके तो अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को अन्न, कंबल, तिल, काली उड़द, चीनी, घी और खिचड़ी का दान कर सकते हैं. संक्रांति के महत्व के विषय में उन्होंने बताया कि इस पर्व को भारत के विभिन्न जगहों पर उत्तरायण के नाम से जाना जाता है, इस दिन गंगा स्नान, व्रत, कथा एवं दान करने से मनुष्य पुण्य का भागी बनता है.