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आज का इतिहासः मीर ने लखनऊ के नवाब से क्यों कहा-मेरी शायरी समझने के लिए दिल्ली जामा मस्जिद के बाहर बोली जाने वाली भाषा को समझना होगा

आज का इतिहासः मीर ने लखनऊ के नवाब से क्यों कहा-मेरी शायरी समझने के लिए दिल्ली जामा मस्जिद के बाहर बोली जाने वाली भाषा को समझना होगा
UP City News | Sep 20, 2022 07:58 AM IST

नई दिल्ली. इतिहास के पन्नों को पलटेंगे तो कई ऐसी रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे जिन्हें पहले कभी नहीं जानते थे. 20 सितंबर को पूरी दुनिया में बेहद खास घटनाएं घटी जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है. बहुत सी घटनाएं बेहद सुखुद रहीं तो बहुत से हादसों में पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया. यूपी सिटी आपको 20 सितंबर के इतिहास को आपके सामने रखने जा रहा है. जो बेहद महत्वपूर्ण है.

मीर ने नवाब आसफउद्दौला क्यों दिलाई उनकी हद
आगरा. आगरा की सरजमी ने दुनिया को मीर, नजीर और गालिब जैसे अजीम शायर दिए. आज यानी 20 सितंबर 2022 को मीर तकी मीर की पुण्य तिथि है. इनका जन्म आगरा की हींग की मंडी में फरवरी 1723 को वालिद सूफी मीर अली मुत्तकी के घर में हुआ. इंतकाल 20 सितंबर 1810 को लखनऊ में. उतनी शायरी जितनी मयारी थी, उनका मिजाज उतना ही गर्म था. वे जब अपनी आते थे तो बादशह हो या फिर कोई नवाब किसी की नहीं सुनते थे.

तोहफे देने के बदले शेर पढ़ने से कर दिया था मना
मोहम्मद मीर उर्फ़ मीर तक़ी मीर वालिद के इंतकाल के बाद वे 10 साल की उम्र में दिल्ली चले गए. दिल्ली आ कर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और शाही शायर बन गए. दिल्ली में उनकी मुलाक़ात ख़्वाजा मोहम्मद बासित से हुई. बासित ने ही मीर को नवाब समसाउद्दौला से मिलवाया. यहां नवाब समसाउद्दौला ने मीर के गुज़ारे के लिए एक रुपया रोज़ मुक़र्रर कर दिया. 1739 में नादिर शाह ने दिल्ली पर चढ़ाई कर दी. समसाउद्दौला मारे गए. आगरा में अपनों ने गले नहीं लगाया तो कुछ दिनों बाद वह फिर दिल्ली गए. जब लखनऊ के नवाब आसफउद्दौला को उनके बारे में पता चला तो उन्होंने मीर को लखनऊ बुला लिया और यहां 300 रुपये महीने पर उन्हें रखा.

दिल्ली जामा मस्जिद के बाहर बोली जाने वाली भाषा को समझना होगा
मीर की शायरी में भी संजीदगी दिखता थी उतने वे खुद्दार भी थे. कहते हैं कि एक बार लखनऊ के एक नवाब ने उन्हें अपने यहां बुलाया और कुछ तोहफों के बदले उनसे शेर पढ़ने को कहा. शुरुआत में तो मीर ने मना कर दिया, लेकिन जब नवाब ने जोर दिया तो मीर ने उनसे कह दिया कि वह उनकी शायरी नहीं समझ पाएंगे. इस पर नवाब ने कहा कि हम महान पर्शियन कवियों अनवरी और खक़ानी की शायरी समझते हैं. इस पर मीर बोले-मुझे यक़ीन है आप समझते होंगे. लेकिन, मेरी शायरी समझने के लिए आपको उस भाषा को समझना ज़रूरी है जो दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर बोली जाती है और उसकी जानकारी आपको नहीं है।

20 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
-फ्रांस ने 1792 में प्रशिया को वाल्मी में हराया.
-भाप से चलने वाली पहली बस 1831 में बनाई गयी। 30 लोगों की क्षमता तथा अत्यंत धीमी गति से चलने वाली इस -बस के अविष्कारक गोर्डन ब्रान्ज़ थे जिनका संबंध ब्रिटेन से था.
-नीदरलैंड(एम्सटेर्डम-हारलेम) में 1839 को पहला रेल रोड खुला.
-अलमा का युद्ध: क्रीमियाई युद्ध की पहली बड़ी लड़ाई में ब्रिटेन और फ्रांस के गठबंधन ने 1854 में रूस को पराजित किया.
-मद्रास का अखबार द हिंदू पहली बार जी.एस.एस अय्यर के संपादन में 1878 को सप्ताहिकी के रूप में प्रकाशित.
पहला कांत फिल्म समारोह 1946 को आयोजित.
-रूसी प्रोब ने 1970 में चांद के सतह से कुछ चट्टानें इकट्ठा की.
-दुनिया के मशहूर ‘बैटल ऑफ सक्सेज’ में 1973 को बिली जीन किंग ने जीत दर्ज की.
-एप्पल उपग्रह ने 1983 में कार्य करना बंद किया.
-संयुक्त राज्य महासभा का 50वाँ अधिवेशन 1995 में प्रारम्भ.
-क्लिंटन दम्पत्ति 2000 में ‘व्हाइट वाटर कांड’ के आरोपों से मुक्त.
-ब्रिटेन के रॉयल बॉटैनिक गार्डन्स के वैज्ञानिकों को 2006 में 200 वर्ष पुराने बीज उगाने में कामयाबी मिली.
-फ़्राँस की सबसे वृद्ध महिला सिमोन कैपोन की 2007 में 113 की अवस्‍था में मृत्‍यु हो गई.
-मराठी फ़िल्म ‘हरिशचन्द्राची फैक्ट्री’ को 2009 में आस्कर अवार्ड्स की विदेशी फ़िल्म कैटिगरी में भारत की एंट्री के तौर पर चुना गया.
20 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
-मध्यकालीन भारत का एक विद्वान् साहित्यकार और फ़ारसी का प्रसिद्ध कवि फ़ैज़ी का जन्म 1547 में हुआ.
-भारत के महान संत एवं समाजसुधारक श्री नारायण गुरु का जन्म 1856 में हुआ.
-मराठी पत्रकार नाना साहब परुलेकर का जन्म 1897 में हुआ.
-अर्थ, सारांश, नाम जैसी हिंदी कला फिल्में देने वाले निर्माता निर्देशक महेश भट्ट का जन्म 1897 में हुआ.
-प्रसिद्ध अभिनेत्री सोफिया लोरेन का जन्म 1897 में हुआ.
-भारतीय आध्यात्मिक नेता श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्म 1911 में हुआ.
-तेलुगु फ़िल्म अभिनेता और फ़िल्म निर्माता ए. नागेश्वर राव का जन्म 1924 में हुआ.
-भारतीय फिल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट लेखक महेश भट्ट का जन्म 1948 में हुआ.
20 सितंबर को हुए निधन
-दिल्ली के सुल्तान फिरोज तुगलक शाह तृतीय का निधन 1388 में हुआ.
-20 सितंबर 1810 को उर्दू और फारसी के मशहूर शायर मीर तकी मीर का इंतकाल हुआ.
-गोवा के वैज्ञानिक-क्रांतिकारी जोस कसटोडियो फारिया का निधन 1819 में हुआ.
-भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद बरकतउल्ला का निधन 1927 में हुआ.
-सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदुस्‍तान की आजादी के लिए लड़ने वाली अंग्रेज महिला एनी बेसेंट का निधन 1933 में हुआ था.
-भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी कनकलता बरुआ का निधन 1942 में हुआ.
-प्रसिद्ध साहित्यकार दया पवार का निधन 1996 में हुआ.
-तमिल सिनेमा की स्वप्न सुंदरी नाम से विख्यात अभिनेत्री राजकुमारी का निधन 1999 में हुआ.
-हिन्दी सिनेमा में सन 1950-60 की प्रसिद्ध अभिनेत्री शकीला का निधन 2017 में हुआ.
-हिन्दी भाषा की लब्ध प्रतिष्ठित उपन्यासकार, कवयित्री तथा नारीवादी चिंतक तथा समाज सेविका प्रभा खेतान का निधन 2009 में हुआ.
-रंगमंच के प्रसिद्ध कलाकार और निर्देशक दिनेश ठाकुर का निधन 2012 में हुआ.