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Today In History: 22 September 2022: मंसूर अली खान पटौदी ऐसे क्रिकेटर थे जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों के लिए मैचे खेले

Today In History: 22 September 2022: मंसूर अली खान पटौदी ऐसे क्रिकेटर थे जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों के लिए मैचे खेले
UP City News | Sep 22, 2022 11:04 AM IST

नई दिल्ली. इतिहास (History) के पन्नों को पलटेंगे तो कई ऐसी रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे जिन्हें पहले कभी नहीं जानते थे. 21 सितंबर (22 September 2022) को पूरी दुनिया में बेहद खास घटनाएं घटी जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है. बहुत सी घटनाएं बेहद सुखुद रहीं तो बहुत से हादसों में पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया. यूपी सिटी आपको 21 सितंबर के इतिहास को आपके सामने रखने जा रहा है. जो बेहद महत्वपूर्ण है.

पटौदी ने भारत के इंग्लैंड टूर की कप्तानी भी की थी.
नवाब इफ्तिखार अली खान पटौदी एकमात्र टेस्ट क्रिकेटर हैं जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों देशों के लिए खेला है. इन दोनों देशों के अलावा उन्होंने पटियाला के महाराजा की टीम ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय, दक्षिण पंजाब, पश्चिम भारत और वूस्टरशर यानी इंग्लैंड के लिए भी खेला है. 1946 में पटौदी ने भारत के इंग्लैंड टूर की कप्तानी भी की थी.
इफ्तिखार अली खान 16 मार्च 1910 को दिल्ली के पटौदी हाउस में पैदा हुए थे. उनके पिता पटौदी के नवाब मुहम्मद इब्राहिम अली खान थे और मां शाहर बानो बेगम थीं. बहुत ही छोटी उम्र में इफ्तिखार पटौदी जो अभी हरियाणा में है जो उस समय एक रियासत थी के नवाब बन गए क्योंकि 1917 में ही उनके पिता का देहांत हो गया था. उन्हें औपचारिक रूप से 1931 में नवाब बनाया गया. खान लाहौर के चीफ्स कॉलेज में गए और उसके बाद पढ़ने के लिए बल्लीओल कॉलेज ऑक्सफ़ोर्ड चले गए. 1939 में इफ्तिखार ने साजिदा सुल्तान से शादी की जो भोपाल के आखिरी नवाब की दूसरी पुत्री थीं. इस दम्पति ने मंसूर अली खान पटौदी को जन्म दिया जिन्हें आज क्रिकेट के नवाब के नाम से भी जाना जाता है. नवाब इफ्तिखार अली खान एक राइट हैंडेड बैट्समैन थे जिन्होंने छह टेस्ट मैच 19.90 की औसत के साथ और 127 फर्स्ट क्लास मैच 48.61 की औसत के साथ खेले.

शुरुआती समय में इफ्तिखार अली खान को भारत में स्कूल में ही कोचिंग प्राप्त हुई. उनकी आगे की ट्रेनिंग फिर इंग्लैंड में संपन्न हुई जहाँ उन्होंने 1932-33 की बॉडीलाइन सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम में जगह बनाई. अपने पहले ही टेस्ट मैच में उन्होंने सिडनी के एशेज टेस्ट में शतक जड़ा लेकिन इसके बावजूद वे दूसरे मैच के बाद ही सीरीज से बाहर हो गए. हुआ यूं कि उन्होंने कप्तान डगलस जॉर्डीन की बॉडीलाइन रणनीति पर आपत्ति जताई तो डगलस ने कहा अच्छा तो यह महाराज ईमानदारी से ऐतराज़ करेंगे और इसी के साथ 1934 तक पटौदी सिर्फ इंग्लैंड के काउंटी मैच ही खेल पाए.

वूस्टरशर काउंटी के मैचों में बहुत ही बेहतरीन प्रदर्शन दिखाने के बाद 1934 में आखिरकार उन्होंने इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट में जगह बनाई जो इंग्लैंड की तरफ से उनकी आखिरी पारी भी थी. 1936 में भारत में होने वाले इंग्लैंड टूर के लिए उन्हें कप्तान चुना गया लेकिन अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया.

1946 का इंग्लैंड टूर
1946 में तब छतीस वर्षीय पटौदी को भारत के इंग्लैंड टूर का कप्तान चुना गया जो द्वित्तीय विश्व युद्ध ख़त्म होने के बाद हो रहा था और इंग्लैंड सम्पूर्ण मैच खेलने को तैयार भी था. भारत ने इसमें 29 फर्स्ट क्लास मैच खेले जिसमें उसने 11 जीते, 4 हारे और 14 में ड्रा मिला.

पटौदी की इंग्लैंड में परफॉर्मन्स इतनी शानदार नहीं थी, वो भी तब जब उन्होंने 1930 के दशक में इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेला हुआ था. उन्होंने इस टूर में लगभग 1000 रन बनाये लेकिन टेस्ट मैच में केवल 11 की औसत ही रख पाए, जिसे भारत हार गया. इसके लिए उनकी कप्तानी की खूब आलोचना भी हुई. इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया और पांच जनवरी 1952 अपने पुत्र टाइगर पटौदी के जन्मदिवस पर पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने की वजह से दम तोड़ दिया.

2007 में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने भारत और इंग्लैंड के बीच हुए पहले क्रिकेट मैच की 75वीं सालगिरह के उपरांत इफ्तिखार अली खान के नाम पर एक टेस्ट ट्रॉफी की घोषणा की जिसका नाम ष्पटौदी ट्रॉफीष्रखा गया. यह खास ट्रॉफी भारत और इंग्लैंड के बीच एक टेस्ट सीरीज जीतने वाले को मिलती है. अब तक 4 बार हुए इस ट्रॉफी टेस्ट में भारत सिर्फ एक ही बार जीत दर्ज करा पाया है. उनका विवाह 27 दिसम्बर 1969 को भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से हुआ. उनकी तीन संतानें हैं, सैफ़ अली ख़ान, सोहा अली ख़ान और सबा अली ख़ान हैं.

22 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
-अमेरिकी कांग्रेस ने 1789 में पोस्टमास्टर जनरल के कार्यालय को अधिकृत किया
-फ्रांस गणराज्य की स्थापना की घोषणा 1792 में हुई.
-अमेरिकी नागरिक इटालो मार्चिओनी को 1903 में आइसक्रीम कोन के लिए एक पेटेंट दिया गया.
-फिलिस्तीन के जनादेश को 1922 में राष्ट्रसंघ परिषद द्वारा मंजूरी दे दी गई.
-ब्रिटेन में 1955 को टेलीविजन का व्यावसायीकरण शुरू हुआ। इसमें प्रत्येक घंटे सिर्फ छह मिनट ही विज्ञापन के -प्रसारण की अनुमति दी गयी और रविवार सुबह में इसे चलाने की इजाजत नहीं थी.
-अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने 1961 में शांति कोर की स्थापना के लिये कांग्रेस के अधिनियम पर हस्ताक्षर किए.
-अमेरिकी यान 1966 में ‘सर्वेयर 2’ चंद्रमा की सतह से टकराया.
-अमेरिकी फुटबॉल टीम पेले के नेतृत्व में दो प्रदर्शनी मैच खेलने 1977 में कलकत्ता (अब कोलकाता) पहुंची.
-ईरान और इराक के बीच जारी सीमा संघर्ष युद्ध के रूप में 1980 को परिवर्तित हुआ.
-कनाडा की सरकार ने 1988 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान और कनाडा के नागरिकों की नजरबंदी के लिए माफी मांगी और मुआवजा देने का भी वादा किया.
-नेशनल ज्‍योग्राफिक मैगजीन का प्रकाशन ,वर्ष 1988 में शुरू हुआ.
-संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बोस्निया और हर्जेगोविना के बीच युद्ध में भूमिका के लिए यूगोस्लाविया को 1992 में निष्कासित किया.
-फ़्रांस ने 2002 को आइवरी कोस्ट में अपनी सेना भेजी.
-अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के कंस्ट्रक्शन मिशन पर गये अटलांटिस स्पेश क्राफ़्ट सकुशल 2006 में अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर पर उतरा.
-नासा के एअर क्राफ़्ट ने 2007 में मंगल ग्रह पर गुफाओं जैसी सात आकृतियों का पता लगाया.
-भारतीय योजना आयोग ने 2011 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में शहरों में 965 रुपये और गावों में 781 -रुपये प्रति महीना खर्च करने वाले व्यक्ति को गरीब मानने से इंकार किया.
22 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
-भारत के समाज सुधारक वीएस श्रीनिवास शास्त्री का जन्म 1869 में हुआ.
-चीनी भौतिकविद, नोबेल पुरस्कार विजेता चेन निंग यांग का जन्म 1922 में हुआ.
-भारत के सिक्किम राज्य के मुख्यमंत्री तथा राजनीतिक दल ‘सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट’ के संस्थापक पवन कुमार चामलिंग का जन्म 1950 में हुआ.
22 सितंबर को हुए निधन
-आज ही के दिन सिख समुदाय के पहले गुरु नानक देव जी का पंजाब के करतारपुर में 1539 को निधन हुआ था।.इन्होने ही सिख धर्म की स्थापना की थी.
-भौतिक विज्ञानी और रसासनशास्‍त्री माइकल फैराडे का निधन 1791 में हुआ था.
-जमियत ए इस्लाम के संस्थापक मौलाना अब्दुल अली मौदूदी का निधन 1979 में हुआ था.
-हिंदी व मराठी फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री दुर्गा खोटे का निधन 1991 में हुआ.
-भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और पटौदी के नवाब मंसूर अली खान पटौदी का निधन 2011 में हुआ.
22 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
-राष्ट्रीय गुलाब दिवस.