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मर चुके व्यक्ति के घर पहुंचा संदेश, बधाई हो..आपका प्रधानाचार्य पद पर चयन हुआ है...

मर चुके व्यक्ति के घर पहुंचा संदेश, बधाई हो..आपका प्रधानाचार्य पद पर चयन हुआ है...
UP City News | Jan 12, 2022 02:14 PM IST

बुलंदशहर. उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य भर्ती 2011 के तहत 10 साल बाद बुधवार को परिणाम जारी किया. 10 साल बाद जारी किए गए परिणाम में जिले के एक शिक्षक का मरणोपरांत प्रधानाचार्य के पद पर चयन हुआ है. आयोग ने उन्हें उसी स्कूल को आवंटित कर दिया, जहां वह तैनात थे. परिणाम आया तो परिजन को गर्व हुआ, मगर दुख इसका कि जिनका चयन हुआ, वह इस दुनिया में नहीं हैं. डीआईओएस ने अब उनके स्थान पर दूसरे चयनित प्रधानाचार्य को कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए हैं.

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माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ने वर्ष 2011 में प्रधानाचार्यों के पद पर भर्ती निकाली थी. काफी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया था. भर्ती में पेच फंस गया और मामला कोर्ट में चला गया. मामला कोर्ट में करीब दस साल तक चला. इसके बाद अब कोर्ट के आदेश पर भर्ती का परिणाम जारी हुआ है. इसमें जिले को 32 प्रधानाचार्य मिले हैं. गोरखपुर, मुरादाबाद और मेरठ मंडल का परिणाम 10 साल बाद बुधवार को घोषित कर दिया. गोरखपुर में 50, मुरादाबाद 42 और मेरठ मंडल के सर्वाधिक 84 स्कूलों को प्रधानाचार्य मिले हैं.

जबकि इसी विज्ञापन के तहत कानपुर मंडल में प्रधानाचार्यों के 110 रिक्त पदों के लिए साक्षात्कार 20 जनवरी के बाद शुरू होने की संभावना है. इससे पहले चयन बोर्ड ने 29 दिसंबर को चित्रकूट, बस्ती और फैजाबाद मंडलों के कुल 100 पदों का परिणाम घोषित किया था. बुधवार को घोषित परिणाम में कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनका चयन सेवानिवृत्ति के कई साल बाद हुआ है. उनकी सीट खाली रह जाएगी. सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) 2016 के तहत चयनित लेकिन डेढ़ साल से तैनाती के लिए भटक रहे 21 शिक्षकों का समायोजन भी कर दिया गया है. चयन बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर समायोजन की सूची जारी कर दी. टीजीटी के 18 और पीजीटी के तीन शिक्षकों का समायोजन किया गया है.